नोबेल पुरस्कार: इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर एक नजर
नोबेल पुरस्कार की घोषणा के साथ एक विचार मन में उठा की इसके भूत, भविष्य और वर्तमान पर बात की जाये न्यूज़ 80 के मंच से बात करना उचित लगा…
Tata Capital IPO कितना सुरक्षित ?
Tata Capital IPO: Tata समूह की वित्तीय शाखा Tata Capital ने अक्टूबर 2025 में बड़ा कदम उठाते हुए सार्वजनिक निर्गम (IPO) जारी किया। यह पेशकश कंपनी के विस्तार और पूँजी…
महर्षि वाल्मीकि: आत्मपरिवर्तन के आदिकवि और आधुनिक युग के लिए प्रेरणा
अंधकार से आलोक की यात्रा भारतीय संस्कृति में महर्षि वाल्मीकि को “आदिकवि” कहा जाता है — क्योंकि उन्होंने शब्दों के माध्यम से पहली बार मानव आत्मा की यात्रा को चित्रित…
नीतीश बनाम तेजस्वी और प्रशांत किशोर — अनुभव, उम्मीद और वैकल्पिक राजनीति की त्रयी
Bihar Election 2025 Analysisबिहार की राजनीति इस समय तीन दिशाओं में बंटी हुई है।एक ओर हैं नीतीश कुमार, जो अपने अनुभव और प्रशासनिक संतुलन का दावा करते हैं;दूसरी ओर तेजस्वी…
भगत सिंह: श्रद्धा से विचार तक — संघ और भाजपा की दृष्टि से बलिदान का अर्थ
भगत सिंह: जब गोरे अंग्रेज़ चले जाएंगे, तो क्या काले अंग्रेज़ राज नहीं करेंगे?”— भगत सिंह का यह सवाल आज भी समय के पार गूंजता है। यह सवाल केवल औपनिवेशिक…
मौन नफ़रत: बुली कल्चर और समाज का दर्पण
आज के समाज में एक भयावह प्रवृत्ति ने अपनी जड़ें गहरी कर ली हैं — बुली कल्चर। यह केवल स्कूल या कॉलेज तक सीमित नहीं रहा; यह हमारे कार्यस्थलों, सोशल…
साम्प्रदायिक हिंसा: जब नफ़रत के नाम पर जलता है इंसानियत का घर
नई दिल्ली। भारत जैसे बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश में जब साम्प्रदायिक हिंसा भड़कती है, तो केवल घर या दुकानें नहीं जलतीं — समाज की आत्मा झुलस जाती है। धर्म के…
नक़ली दवाएँ व मिलावटी खाद्य पदार्थ” — राजस्थान की ताज़ा त्रासदी और इससे उठने वाली सख्त माँगे
राजस्थान में हाल-फिलहाल सामने आई घटनाएँ — जहाँ कुछ बच्चों की मौतें कथित तौर पर संदिग्ध कफ़-सिरप के सेवन या मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण हुईं — ने एक बार…
राम बनाम रावण — एक संतुलित विश्लेषण
प्राचीन भारतीय महाकाव्य रामायण में राम और रावण दोनों ही केवल व्यक्तित्व नहीं, बल्कि मूल्य-प्रतीक हैं। इतिहास, लोककथा और धर्म-विचार ने इन दोनों को अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत किया है…
प्रेमानंद जी महाराज: भक्ति, सरलता और आधुनिक युग की एक अनोखी आवाज़
प्रेमानंद जी महाराज: आध्यात्मिक जगत में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो सिर्फ अपने प्रवचनों या आश्रमों से नहीं, बल्कि अपनी साधारणता और विनम्रता से भी लोगों के दिल में…











