कानपुर का साहित्य मंच: कानपुर की साहित्यिक परंपरा को जीवंत करता हुआ, कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल अपने सातवे वर्केष में प्रवेश कर गया जिसकी शुरुआत पहले दिन तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन की डॉक्यूमेंट्री से हुई जिसमें की जाकिर हुसैन के जीवन पर चर्चा हुई।
अगले सत्र में नरेश सक्सेना जी आए जिन्होंने अपनी कविता पर चर्चा करी।
उसके बाद जीशान अयूब आए और उन्होंने अपने फिल्मी सफर और नाटक पर चर्चा करी। नाटक और फिल्म की विधा पर बात हुई, साहित्य उत्सव कम होते हैं, कानपुर में ये सातवां आयोजन था। दर्शक, पाठक सभी इतनी ठंड के बाद भी उपस्थित रहे।
तारिक हमीद ने एकल नाट्य प्रस्तुति दी जिसमें दर्शक आनंद लेते हुए मिले, एकल नाट्य प्रस्तुतियों का चलन हाल के दिनों में बढ़ा है।
जनवादी लेखक संघ के लोगों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, जिसमें की अनीता मिश्रा, भावना मिश्र, राजेश अरोरा समेत कई लोगों ने भागीदारी करी।
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रंगोली, आर्ट और भी बहुत कुछ देखने और खान पान के भी स्टॉल्स रहेंगे, फेस्टिवल कल भी गुलज़ार रहेगा। आप मित्र और परिवार लेकर कार्यक्रम का आनंद उठा सकते है। गौर हरि सिंघानिया मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट कार्यक्रम स्थल है, कल इतवार को ओपन माइक होगा 10 बजे, उसके बाद पुस्तक विमोचन है सिनेमा पर एक पुस्तक का जिसके लेखक है सुनंदा मेहता और सुचित्रा अय्यर “बिहाइंड दी बिग स्क्रीन” नाम की पुस्तक है, भावना मिश्रा के साथ बातचीत का दौर चलेगा। उसके बाद अकबर इलाहाबादी पर डॉ संजय गर्ग चर्चा सत्र में रहेंगे। अबीर कपूर उसके बाद ग्राफिक नोवेल्स पर चर्चा करेंगे, और उनकी पुस्तक का विमोचन होगा। इसी प्रकार से अन्य कार्यक्रम रहेंगे जिनका विवरण आपको नीचे मिल जायेगा।
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डॉ आलोक बाजपाई, अंजलि तिवारी, के साथ अतुल तिवारी जी भी उपस्थित रहे कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और मार्गदर्शक के रूप में, प्रखर श्रीवास्तव अपने मंच संचालन और सहयोगी भूमिका में रहे। प्रताप साहनी, क्रांति कटियार, राज कुमार अग्निहोत्री आदि लोगों ने भी शिरकत करी, आज के दिन का समापन हुआ शांतनु मोइत्रा के कार्यक्रम के साथ जोकि एक यात्रा करके आये थे|



