शुक्लागंज (उन्नाव)।गंगाघाट की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की तैयारी जोरों पर है। राजधानी मार्ग स्थित डीएसएम पब्लिक स्कूल में रविवार अपराह्न 4 बजे आयोजित बैठक में श्री सार्वजनिक रामलीला समिति गंगाघाट ने घोषणा की कि इस बार की रामलीला और दशहरा महोत्सव को स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में भव्यता और ऐतिहासिक अंदाज़ में मनाया जाएगा।
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कार्यक्रम की रूपरेखा
रामलीला मंचन: 22 सितम्बर से शुरू होकर 3 अक्टूबर तक चलेगा।
दशहरा महोत्सव: मुख्य आयोजन 2 अक्टूबर को होगा।
आयोजन स्थल: राजधानी मार्ग स्थित सरला पैलेस परिसर को चुना गया है।
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बैठक की खास बातें
बैठक में समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में ज़बरदस्त उत्साह और उमंग देखने को मिली। सभी ने संकल्प लिया कि स्वर्ण जयंती वर्ष का यह आयोजन इतिहास रचने वाला और यादगार होगा।
हर सदस्य ने तन-मन-धन से सहयोग देने का भरोसा जताया।
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समिति के प्रमुख पदाधिकारी
संयोजक: वीरेन्द्र शुक्ला, सौरभ पांडे
संरक्षक: आशुतोष शुक्ला
अध्यक्ष: कमल वर्मा
महामंत्री: अंजनी कुमार अग्निहोत्री
कोषाध्यक्ष: प्रदीप शुक्ला
उपाध्यक्ष: श्रीकान्त पाण्डेय
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बैठक में उपस्थित अन्य सदस्य
मीडिया प्रभारी अवनीश शुक्ला, इन्द्रेश शुक्ला, युवा मंडल संयोजक दिलीप शुक्ला, सुग्रीव मंडल से सर्वेश दीक्षित, कृष्णा मिश्रा, ऋऋतभ, सुमित द्विवेदी, नितिन दीक्षित, मनमोहन दीक्षित, सुभाष शुक्ला, बच्चा साहू समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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विशेष आकर्षण
मंचन में अत्याधुनिक लाइट एवं साउंड व्यवस्था होगी।
दर्शकों की सुविधा के लिए बैठक व्यवस्था और पार्किंग स्थल तैयार किया जाएगा।
रामलीला की सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के लिए नियमित रिहर्सल और अनुशासन पर विशेष बल दिया जाएगा।
दशहरा के दिन विशाल रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होगा।
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गंगाघाट की रामलीला पिछले पाँच दशकों से धार्मिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। इस बार स्वर्ण जयंती वर्ष का आयोजन न सिर्फ़ एक परंपरा का उत्सव होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक ऐतिहासिक यादगार छोड़ जाएगा।







