✒️Hari om Gupta
उन्नाव।जनपद उन्नाव के जिलाधिकारी गौरंग राठी ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक ईमानदारी, कार्यकुशलता और जनता से निकटता के कारण एक अलग पहचान बनाई है। वे न सिर्फ़ एक सक्षम प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं बल्कि एक संवेदनशील और जनहितैषी अधिकारी के तौर पर भी उभरे हैं।
🔹 पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली
गौरंग राठी का मानना है। कि प्रशासन जनता की सेवा के लिए है, न कि जनता प्रशासन की सेवा के लिए। यही कारण है। कि वे प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हैं। और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं।
वे नियमित रूप से जनसुनवाई शिविर आयोजित करते हैं।
दूर-दराज़ गाँवों तक जाकर जनता की समस्याओं को सुनते हैं।
प्रत्येक विभागीय अधिकारी को जवाबदेही के साथ काम करने की हिदायत देते हैं।
🔹 शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार में योगदान
- शिक्षा क्षेत्र में पहल – सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने, बच्चों को बेहतर सुविधाएँ और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निरीक्षण।
- स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूती – जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाओं को बढ़ाने, दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति पर सख़्ती।
- महिला और बाल कल्याण – पोषण अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं को तेज़ी से लागू करना।
🔹 विकास कार्य और आधारभूत संरचना
सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों का निर्माण तेज़ी से कराया गया।
बिजली आपूर्ति में सुधार और गाँव-गाँव तक ट्रांसफार्मर लगवाने की दिशा में पहल।
जल आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल योजनाओं की गति तेज़ की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
🔹 कानून व्यवस्था में सहयोगी भूमिका
हालाँकि जिले की पुलिस व्यवस्था एसपी के अधीन होती है, लेकिन डीएम गौरंग राठी ने हमेशा पुलिस प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम किया है।
चुनाव और त्योहारों के समय शांति बनाए रखने में उनकी बड़ी भूमिका रही।
संवेदनशील मामलों में खुद मोर्चा संभालकर जनता को आश्वस्त किया।
🔹 डिजिटल इंडिया और नवाचार
गौरंग राठी ने प्रशासनिक कामकाज को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में कई पहल की हैं।
विभिन्न योजनाओं की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए।
जमीन से जुड़ी समस्याओं (खसरा-खतौनी, बंटवारा, नामांतरण आदि) को ऑनलाइन करने की पहल।
डिजिटलीकरण के ज़रिए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सफलता।
🔹 जनता का विश्वास
उन्नाव की जनता का कहना है कि –
“गौरंग राठी जैसे जिलाधिकारी से जनता को यह भरोसा होता है कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी। वे सिर्फ़ कागज़ों पर काम नहीं करते, बल्कि खुद मैदान में उतरकर हकीकत देखते हैं।”
✨ निष्कर्ष
जिलाधिकारी गौरंग राठी का कार्यकाल उन्नाव के लिए विकास, पारदर्शिता और जनसरोकारों का प्रतीक बन गया है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना ने जनता का विश्वास जीता है और उन्नाव को प्रशासनिक दृष्टि से नई पहचान दिलाई है।



