शुक्लागंज। विद्या भारती की शिक्षा पद्धति एवं संस्कारमय परंपरा के अनुरूप गंगा प्रसाद महते सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में संचालित बहुप्रतीक्षित समर कैंप का आज अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में विधिवत समापन संपन्न हुआ। कई दिनों से चल रहे इस समर कैंप में विद्यार्थियों ने शारीरिक, मानसिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए अपने व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए।
समापन दिवस के प्रथम सत्र का शुभारंभ विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य डॉ. बृजेंद्र जी मिश्र द्वारा मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित आचार्यों एवं विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की वंदना कर ज्ञान, संस्कार एवं शक्ति की प्रार्थना की। संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं प्रेरणादायी बना रहा।
इसके उपरांत विद्यालय के खेल प्रमुख अभिषेक जी द्वारा सभी प्रतिभागी भैया-बहनों को लगभग दस मिनट तक अनिवार्य शारीरिक अभ्यास, व्यायाम एवं योग का प्रशिक्षण कराया गया। बैठकर किए जाने वाले विभिन्न योगासन एवं शारीरिक क्रियाओं का विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ अभ्यास किया। योग एवं व्यायाम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ शरीर, एकाग्र मन एवं संतुलित जीवन शैली का महत्व भी समझाया गया।

प्रथम सत्र में ही विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता को परखने हेतु विभिन्न प्रकार के फिटनेस टेस्ट एवं शारीरिक क्षमता मापन संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन परीक्षणों के माध्यम से विद्यार्थियों की शारीरिक दक्षता, सहनशीलता एवं सक्रियता का आकलन किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सभी गतिविधियों में सहभागिता कर अपनी प्रतिभा एवं क्षमता का परिचय दिया।
द्वितीय सत्र में विद्यालय के खेल प्रशिक्षक प्रदीप द्विवेदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान वॉलीबॉल, खो-खो, बैडमिंटन आदि खेलों का विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा मैत्रीपूर्ण मैच भी कराए गए। खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन एवं टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी खेलों का भरपूर आनंद उठाया।
इसके अतिरिक्त भारतीय लोक परंपरा एवं संस्कृति पर आधारित पारंपरिक खेलों का भी अभ्यास कराया गया। इन खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने का सुंदर प्रयास किया गया। पारंपरिक खेलों ने सभी खिलाड़ी भैया-बहनों के मध्य आत्मीयता, सौहार्द एवं आनंद का वातावरण निर्मित किया, जिससे बिना किसी तनाव के सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।
समर कैंप के समापन अवसर पर खेल प्रशिक्षक प्रदीप द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन ही मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेगा तभी वह अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग, व्यायाम एवं खेलकूद को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।
समर कैंप के अंतिम क्षणों में सभी आचार्यों, खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया। राष्ट्रभक्ति एवं अनुशासन से ओत-प्रोत वातावरण के बीच समर कैंप का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी आचार्यगण, खेल प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। समर कैंप के सफल आयोजन से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का संचार देखने को मिला।






