“जॉबी ड्रग” बना युवाओं का दुश्मन छिड़ी नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम

शुक्लागंज। शहर में तेजी से फैल रहे खतरनाक सिंथेटिक नशे “जॉबी ड्रग” को लेकर अब समाजसेवी संगठन और नशा मुक्ति अभियान खुलकर मैदान में उतर आए हैं। युवाओं को निशाना बनाकर बेचे जा रहे इस जहरीले नशे के खिलाफ सोसाइटी योग ज्योति इंडिया एवं हिंदू जागरण मंच के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं और अभिभावकों को इसके घातक परिणामों से सावधान किया गया। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एवं योग गुरु ज्योति बाबा ने कहा कि यह नशा सामान्य पाउडर या चीनी जैसा दिखाई देता है, लेकिन इसका असर शरीर और दिमाग दोनों को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। उन्होंने बताया कि “जॉबी ड्रग” के सेवन से व्यक्ति की आंखें सुस्त हो जाती हैं, शरीर कमजोर पड़ने लगता है और कुछ घंटों तक व्यक्ति बेसुध अवस्था में भी पहुंच सकता है।उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा 18 से 30 वर्ष के युवाओं को टारगेट किया जा रहा है। यह वही उम्र है जिसमें युवा देश का भविष्य बनते हैं, सेना, पुलिस, फैक्ट्रियों और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं। अगर यही युवा नशे की गिरफ्त में आ गए तो आने वाला समय देश के लिए बेहद चिंताजनक होगा।

ज्योति बाबा ने दावा किया कि दिल्ली, मुंबई, पंजाब और बड़े महानगरों में यह सिंथेटिक नशा तेजी से फैल चुका है और अब छोटे शहरों तक इसकी पहुंच हो रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मन ताकतें भारत के युवाओं को कमजोर करने के लिए सस्ते नशे का सहारा ले रही हैं, ताकि बिना हथियार चलाए देश की युवा शक्ति को खोखला किया जा सके।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कई बार यह नशा खुले पाउडर, नकली दवाइयों और स्कूल बैग तक में छिपाकर सप्लाई किया जाता है। वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं संदिग्ध पदार्थ दिखाई दे तो तुरंत पुलिस और 112 नंबर पर सूचना दें। समाजसेवी कमल वर्मा ने कहा कि “बस एक बार ट्राई” करने की गलती युवाओं की पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। उन्होंने एक युवक का उदाहरण देते हुए बताया कि नशे की वजह से उसका शरीर पूरी तरह कमजोर हो गया और परिवार टूटने की कगार पर पहुंच गया। ज्योति बाबा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जाइलाजिन (Xylazine) जैसे खतरनाक ड्रग्स को NDPS एक्ट के तहत सख्त श्रेणी में शामिल कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और गांव-गांव में बड़े स्तर पर नशा मुक्ति अभियान चलाया जाए ताकि युवा पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।उन्होंने कहा कि “नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार और समाज को खत्म कर देता है। अगर अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी।”

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  • Hari Om Gupta

    Editor In Chief - The News 80

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