शुक्लागंज। जहां आज युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं शुक्लागंज के युवा उद्यमी शिवम त्रिपाठी ने अपने दम पर सफलता की नई कहानी लिख दी है। “प्रियम गोल्ड खड़े मसाले” ब्रांड के माध्यम से उन्होंने न केवल अपना व्यवसाय खड़ा किया, बल्कि दर्जनों महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान किया है।
छोटे स्तर से शुरू हुए इस उद्योग ने आज क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। सीमित संसाधनों और तमाम चुनौतियों के बावजूद शिवम त्रिपाठी ने हार नहीं मानी। उनकी मेहनत, लगन और गुणवत्ता के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज प्रियम गोल्ड मसाले लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
सबसे खास बात यह है कि मसालों की पैकिंग और अन्य कार्यों में स्थानीय महिलाओं को जोड़ा गया है, जिससे उन्हें घर के पास रोजगार मिल रहा है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शिवम त्रिपाठी ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो छोटे स्तर से शुरू किया गया कार्य भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। आज उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा और महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुकी है।
“रोजगार देने वाला बनो, सिर्फ रोजगार पाने वाला नहीं” — इसी सोच को साकार कर रहे हैं शिवम त्रिपाठी।






