शुक्लागंज/उन्नाव। कटरी पीपर खेड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग कर बिक्री किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। गाटा संख्या 1164 और 1347 को लेकर उठ रहे सवालों ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने राजस्व विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से पहले सरकारी जमीन पर कब्जा कराया और बाद में उसी भूमि की प्लाटिंग कर लाखों-करोड़ों रुपये में बेच डाला। क्षेत्र में तेजी से बने मकान और निर्माण कार्य अब चर्चा का विषय बने हुए हैं। मामले को लेकर बृजेश रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लेखपाल देवेंद्र यादव और सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। वहीं प्रधान संघ अध्यक्ष द्वारा भी अपर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई थी। सूत्रों का कहना है कि भू-माफिया तौफीक शाह को संरक्षण देकर सरकारी भूमि पर कब्जा कराया गया। आरोप यह भी हैं कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर उसे खुलेआम बेचा गया, लेकिन जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं कर सका। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकारी भूमि पर अब तक कितने अवैध निर्माण हो चुके हैं और कितनी जमीन का सौदा किया जा चुका है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जनता अब यह जानना चाहती है कि सरकारी जमीन को बचाने के लिए प्रशासन कब सख्त कदम उठाएगा।
🔥 सरकारी जमीन पर कब्जे का यह मामला अब जिले में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।






