उन्नाव। गंगा घाट शुक्लागंज स्थित श्मशान घाट लगातार चर्चाओं में है। यहां अंतिम संस्कार के नाम पर लोगों से मनमानी वसूली की जा रही हैं। दुःख की घड़ी में अपनों को अंतिम विदाई देने पहुंचे परिवारों को आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है।लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए कोई स्थायी रेट तय नहीं है। हर व्यक्ति से अलग-अलग रकम मांगी जाती है।जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार मजबूरी का फायदा उठाकर जरूरत से ज्यादा पैसे वसूले जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है। कि जब नगर क्षेत्र के अन्य कार्यों के लिए नियम और शुल्क निर्धारित हैं।तो श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह पर आज तक पारदर्शी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई।घाट पर कहीं भी कोई अधिकृत रेट सूची दिखाई नहीं देती, जिससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अंतिम संस्कार कोई व्यापार नहीं बल्कि मानव सेवा का विषय है। दुःख में डूबे परिवार पहले ही मानसिक पीड़ा से गुजरते हैं, ऐसे समय में उनसे पैसों को लेकर बहस और दबाव बनाना बेहद अमानवीय है।
“गरीब की मजबूरी पर आखिर कब तक होगा खेल!
“मौत के बाद भी जनता लुटने को मजबूर!
अब जनता जिलाधिकारी से मांग कर रही है कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए स्थायी रेट निर्धारित कर सार्वजनिक किया जाए। साथ ही घाट पर सीसीटीवी निगरानी, शिकायत हेल्पलाइन और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को शोषण का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन भी शुरू किया जा सकता है।
श्मशान सेवा होनी चाहिए, सौदेबाज़ी नहीं!






