कानपुर। नवरात्रि से पहले कानपुर नगर पुलिस ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने नागरिकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों से गुम और चोरी हुए 101 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस कर दिए। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग ₹25 लाख आंकी गई है।

👮♂️ कैसे हुई बरामदगी
बीते महीनों में नागरिकों द्वारा मोबाइल खोने व चोरी होने की कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
पुलिस ने इन प्रार्थना पत्रों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साधनों का सहारा लिया।
मोबाइल की लोकेशन, आईएमईआई नंबर और सर्विलांस सिस्टम की मदद से विभिन्न जनपदों और अन्य राज्यों से मोबाइल ट्रैक किए गए।
लगातार कई हफ्तों की मेहनत के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली और 101 मोबाइल फ़ोन सुरक्षित बरामद हो गए।
🙌 नागरिकों को मिला भरोसा और राहत
मोबाइल मिलने के बाद नागरिकों ने पुलिस का आभार जताया।
कई लोगों ने कहा कि मोबाइल सिर्फ़ एक गैजेट नहीं होता, उसमें उनकी यादें, ज़रूरी डाटा और अहम जानकारियाँ भी होती हैं।
पुलिस द्वारा यह अमानत लौटाए जाने से लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सकारात्मक छवि और गहरी हुई है।

📝 पुलिस का कहना है
कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस का मानना है कि मोबाइल लौटाना केवल आर्थिक मदद नहीं है बल्कि लोगों के निजी डाटा और प्राइवेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) ने टीम को विशेष दिशा-निर्देश दिए थे।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी की देखरेख में कार्यरत सर्विलांस टीम ने यह सफलता हासिल की।

👮♀️ बरामदगी करने वाली टीम (पूर्वी ज़ोन)
1. उपनिरीक्षक सुदीप सिंह डागर (प्रभारी)
2. हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह
3. हेड कांस्टेबल जयप्रकाश सिंह
4. कांस्टेबल हरिओम यादव
5. कांस्टेबल गौरव
इस टीम ने दिन-रात मेहनत कर मोबाइलों का पता लगाया और उन्हें सही सलामत उनके मालिकों तक पहुंचाया।
📲 मोबाइल खोने की स्थिति में क्या करें?
पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि अगर मोबाइल खो जाए तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। तुरंत ये कदम उठाएँ:
UPCOP ऐप पर रिपोर्ट दर्ज करें।
CEIR Portal पर शिकायत करें।
नज़दीकी पुलिस स्टेशन में बने हेल्प डेस्क या सर्विलांस सेल में जाकर जानकारी दें।
🎁 नवरात्रि का तोहफ़ा
पुलिस की इस पहल को लोग त्योहार से पहले मिला तोहफ़ा मान रहे हैं।
कई नागरिकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल कभी वापस मिलेगा, लेकिन कानपुर पुलिस ने यह संभव कर दिखाया।
इस कदम से न सिर्फ़ नागरिकों को राहत मिली बल्कि यह संदेश भी गया कि पुलिस जनता की सुरक्षा और सेवा के लिए हर संभव प्रयास करती है।



