दैवीय आपदा से बदला स्थल, गोपीनाथ चन्द्रावती विद्यालय परिसर में 29 सितम्बर से होगा शुभारंभ
शुक्लागंज। धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक मानी जाने वाली श्री सार्वजनिक रामलीला समिति (रजि. 2112) इस वर्ष अपनी 50वीं स्वर्ण जयंती रामलीला का आयोजन कर रही है। आधी सदी से लगातार मंचित होती आ रही इस लीला का नगर में विशेष महत्व है।
स्थल परिवर्तन की मजबूरी
समिति ने प्रारंभिक रूप से मंचन स्थल के लिए सारला पैलेस बाउंड्री को तय किया था। लेकिन इस बार मानसून की भारी वर्षा और जलभराव ने समिति की तैयारियों पर संकट खड़ा कर दिया। लीला स्थल से जल निकासी के तमाम प्रयासों के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला, तब समिति को मजबूरन स्थान बदलना पड़ा।
कोषाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला ने बताया—
> “विगत 49 वर्षों में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन इतनी बड़ी समस्या का सामना समिति को पहली बार करना पड़ा। जब मंचन स्थल पूरी तरह डूबा रहा, तब नगर के सम्मानित तिवारी परिवार ने आगे आकर अपनी भूमि उपलब्ध कराई।”
तिवारी परिवार ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
नगर के प्रतिष्ठित परिवार—अशोक तिवारी, केदार तिवारी और कैप्टन राहुल तिवारी—ने अपनी गोपीनाथ चन्द्रावती विद्यालय की भूमि समिति को उपलब्ध कराई। समिति और नगरवासियों ने इसे स्वर्ण जयंती वर्ष के लिए “बड़ा वरदान” बताया।
पाँच दिवसीय होगा आयोजन
पारंपरिक रूप से रामलीला का मंचन 10 से 12 दिन तक चलता आया है, किंतु इस बार परिस्थितियों को देखते हुए आयोजन को पाँच दिवसीय किया गया है।
शुभारंभ : 29 सितम्बर 2025
समापन : 3 अक्टूबर 2025
प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रसंगों का मंचन होगा।
संभावित मंचन क्रम (अनुमानित)
1. 29 सितम्बर – राम जन्म, ताड़का वध
2. 30 सितम्बर – सीता स्वयंवर
3. 1 अक्टूबर – राम-वनगमन एवं पंचवटी प्रसंग
4. 2 अक्टूबर – विजयादशमी, रावण वध एवं रामराज्याभिषेक
स्थायी स्थल की पुरानी मांग
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले 49 वर्षों से रामलीला नगर की आस्था का केंद्र रही है, परंतु अब तक स्थायी स्थल उपलब्ध न होना सबसे बड़ी समस्या रही है। बाढ़ और कटान की वजह से पारंपरिक स्थल नष्ट होने के बाद हर वर्ष नया स्थान तलाशना पड़ता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और शासन से इस पर ठोस पहल करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे
प्रेस वार्ता के दौरान समिति की ओर से प्रदीप शुक्ला, कैप्टन राहुल तिवारी, नीलकमल दीक्षित, सूर्यकुमार बाजपेयी, सर्वेश दीक्षित, संदीप सिंह, अनूप साहू, सौरभ सोनकर, दिलीप मिश्रा लकी, सौरभ सविता सहित अन्य सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।







