उन्नाव। गंगा प्रसाद महते सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगानगर शुक्लागंज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जीवनव्रती प्रचारक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती धूमधाम व श्रद्धा भाव से मनाई गई। यह आयोजन विद्यालय के वंदना सत्र के दौरान सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की आरती से किया गया। इसके बाद उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। वातावरण भक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर रहा।
संस्मरण और विचार
विद्यालय के भैया-बहनों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से जुड़े संस्मरण प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने उनके विचारों और जीवन-दर्शन को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया।
भौतिक शास्त्र के प्रवक्ता शरद जी ने उपाध्याय जी के जीवन का संपूर्ण वृतांत विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि –
उपाध्याय जी स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर बल देते थे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता मजबूत होती।
उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए अंत्योदय की अवधारणा दी।
उनका एकात्म मानववाद केवल राजनीति का सिद्धांत नहीं, बल्कि मानव जीवन के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने भारतीय जनसंघ को संगठित कर देश की राजनीति में वैचारिक आधार दिया।
उनका जीवन आदर्श और सादगी का प्रतीक था।
राष्ट्र निर्माण में योगदान
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को एक महान राष्ट्रभक्त, चिंतक, संगठनकर्ता और लेखक के रूप में याद किया जाता है। वे पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे और कई पत्रिकाओं का संपादन कर राष्ट्रीय विचारधारा को आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बृजेंद्र मिश्र ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सभी छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वाणिज्य प्रवक्ता अशोक त्रिपाठी, खेल प्रशिक्षक प्रदीप द्विवेदी, ओम बाबू मिश्र, अजय विश्वकर्मा, प्रशांत भदौरिया, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यालय परिवार के सभी भैया-बहन उपस्थित रहे।







