शुक्लागंज (उन्नाव)। गंगा प्रसाद महते सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगानगर में वंदना सत्र के दौरान विजयदशमी पर्व बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चित्र पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित सभी छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों ने मिलकर “श्रीराम जय राम जय जय राम” जैसे भजनों के साथ वातावरण को भक्ति व राष्ट्रभावना से सराबोर कर दिया।
भैया-बहनों के विचार
विद्यालय के विभिन्न भैया-बहनों ने मंच पर आकर विजयदशमी के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि यह पर्व हमें बताता है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।

आचार्य और प्रधानाचार्य का उद्बोधन
वरिष्ठ आचार्य रामप्रकाश मिश्रा ने विजयदशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “रामायण हमें मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बृजेंद्र मिश्रा ने कहा – “राम को तो सब मानते हैं, पर राम की कोई नहीं मानता। हमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने आचरण में आदर्श स्थापित करने चाहिए।”
मुख्य अतिथि और उपस्थितजन
कार्यक्रम में विद्यालय के अनेक शिक्षक, प्रबंधकगण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से अशोक त्रिपाठी, अरविंद द्विवेदी, अरुण दीक्षित, प्रदीप श्रीवास्तव, सुनील अजय विश्वकर्मा, श्याम दत्त अवस्थी, ओम बाबूजी मिश्रा आदि बंधु-भगिनी तथा समस्त भैया-बहन उपस्थित थे।
संचालन
सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदीप द्विवेदी ने किया।
संदेश
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने यह संकल्प लिया कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारकर समाज में सद्भाव, सत्य, नैतिकता और मर्यादा के मूल्यों को स्थापित करेंगे।







