शुक्लागंज। नगर आगमन पर आयोजित अभिनंदन समारोह में उपस्थित रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह अवसर भावनाओं के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जहाँ एक ओर वर्षों तक अपने कर्तव्य, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता से विद्या भारती परिवार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले आदरणीय सुरेश सिंह जी भाई साहब की विदाई की संवेदनशील बेला थी, वहीं दूसरी ओर नव दायित्व ग्रहण कर शुक्लागंज नगर पधारे आदरणीय अवरीश जी भाई साहब के स्वागत और अभिनंदन का उल्लासपूर्ण वातावरण भी उपस्थित था। सचमुच यह दृश्य सुख और दुख की अनुभूतियों का अद्वितीय संगम था। आदरणीय सुरेश सिंह जी से मेरा परिचय उस समय से है जब मैं विद्या भारती योजना में नवीन रूप से जुड़ा था और संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष में आपके सान्निध्य का अवसर प्राप्त हुआ था। उस समय आप हमारे दंड विद्या के शिक्षक हुआ करते थे। आपके व्यक्तित्व में अनुशासन, सरलता, आत्मीयता और राष्ट्रभाव का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। आपने अपने व्यवहार और कार्यशैली से न केवल शिक्षार्थियों को प्रशिक्षित किया बल्कि जीवन को राष्ट्र एवं संगठन के प्रति समर्पित करने की प्रेरणा भी प्रदान की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक जीवन से प्रारंभ हुई आपकी तपस्या आगे चलकर विद्या भारती जैसे विशाल संगठन में आचार्य, प्रधानाचार्य एवं संभाग निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों तक पहुँची। आपने प्रत्येक दायित्व को पूर्ण शुद्धता, सात्विकता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाया। संगठन के प्रति आपका समर्पण, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आपका सतत चिंतन सदैव स्मरणीय रहेगा। वहीं आदरणीय अवरीश जी भाई साहब से मेरा परिचय उस समय से है जब आप सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोला गोकर्णनाथ में शारीरिक आचार्य के रूप में कार्यरत थे। उस समय से लेकर आज तक आपका स्नेह, अपनत्व और आत्मीय व्यवहार सदैव प्रेरणा देता रहा है। आप जैसे कर्मयोगी व्यक्तित्व का शुक्लागंज नगर में आगमन निश्चित रूप से संगठन और शिक्षण व्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। आप दोनों ही बंधुओं का जीवन संघ के संस्कारों से ओतप्रोत रहा है। प्रचारक जीवन की तपस्या, अनुशासन और त्याग को अपने जीवन में धारण करते हुए आपने शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। राष्ट्र निर्माण के इस पुनीत कार्य में आपका समर्पण भाव हम सभी के लिए अनुकरणीय है।ईश्वर से प्रार्थना है कि आदरणीय सुरेश सिंह जी भाई साहब का आगामी जीवन स्वस्थ, सुखमय एवं यशस्वी रहे तथा आदरणीय अवरीश जी भाई साहब अपने नवीन दायित्व का निर्वहन उसी समर्पण, दक्षता और आत्मीयता के साथ करते हुए संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।आप दोनों आदरणीय बंधुओं को सादर प्रणाम एवं हार्दिक शुभकामनाएँ।






