जनता बूंद-बूंद पानी को तरसी, जिम्मेदार एसी कमरों में मस्त
शुक्लागंज। नगर पालिका गंगाघाट द्वारा जनता को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये बहाकर लगाए गए वाटर कूलर आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। भीषण गर्मी में जहां इन मशीनों से राहगीरों को राहत मिलनी चाहिए थी, वहीं अधिकांश वाटर कूलर बंद पड़े धूल खा रहे हैं।किसी का मोटर खराब, किसी की पाइपलाइन बंद, तो कहीं सिर्फ लोहे का ढांचा खड़ा कर विकास का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। जनता प्यास से बेहाल है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुर्सी बचाने और फाइलों में खेल करने में व्यस्त हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए ये वाटर कूलर कुछ दिनों तक चले, फिर भ्रष्ट सिस्टम की भेंट चढ़ गए। अब हालत यह है कि लोग पानी की उम्मीद में पहुंचते हैं और बदले में उन्हें मिलता है सिर्फ सूखा नल और प्रशासन की नाकामी।

-विकास नहीं, सिर्फ कमीशनखोरी का खेल
-सवाल यह उठ रहा है कि जब जनता को सुविधा मिल ही नहीं रही, तो आखिर लाखों रुपये गए कहां
-क्या नगर पालिका के जिम्मेदारों ने सिर्फ उद्घाटन और फोटोबाजी के लिए ये वाटर कूलर लगाए थे
गंगाघाट की जनता अब खुलकर कह रही है कि —
“नगर पालिका में विकास कम और भ्रष्टाचार ज्यादा बह रहा है!”
जनता के तीखे सवाल
बंद पड़े वाटर कूलरों का जिम्मेदार कौन?
रखरखाव के नाम पर किसकी जेबें भर रही हैं?
आखिर कब तक जनता को सिर्फ झूठे वादों का ठंडा पानी पिलाया जाएगा?
भीषण गर्मी में प्यास से तड़पती जनता और बंद पड़े वाटर कूलर साफ बता रहे हैं कि गंगाघाट में सिस्टम नहीं, सिर्फ भ्रष्टाचार चल रहा है।






