गंगाघाट नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी पश्चिमी चौकी इंचार्ज और सिपाही का सराहनीय कार्य
जिसका कोई नहीं उसका है भगवान’— पुलिस और नगर पालिका गंगा घाट ने पेश की मानवता की मिसाल
उन्नाव। जिले के गंगाघाट थाना क्षेत्र के बालू घाट तिराहा, नया पुल के पास हाल ही में एक व्यक्ति का शव मिला। मृतक की पहचान अशोक गुप्ता (उम्र लगभग 45 वर्ष) के रूप में हुई है। जो इंद्रानगर, गंगाघाट के निवासी थे। मृतक अपने पीछे पत्नी सुमन गुप्ता और लगभग 7 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। और घर में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा। ऐसे कठिन समय में गंगाघाट थाना अंतर्गत पश्चिमी चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह चौहान और सिपाही योगेश प्रजापति व कांस्टेबल अमरीश ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने न केवल शव को सुरक्षित तरीके से अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया, बल्कि मिश्रा कॉलोनी शिव घाट पर पूरे विधि-विधान से मृतक का अंतिम संस्कार भी करवाया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मृतक का परिवार बड़ी मुश्किल से अपने दिन काट रहा है। पत्नी और छोटा बच्चा बेसहारा हैं। और उनकी मदद के लिए आगे आना नैतिक कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा, “पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के हर दुख-सुख में साथ खड़ी रहने वाली ताकत भी है।” इस सराहनीय कार्य से एक बार फिर यह सिद्ध हो गया कि पुलिस केवल ड्यूटी नहीं निभाती, बल्कि समय आने पर इंसानियत का भी धर्म निभाती है। इस घटना ने समाज में यह संदेश भी दिया कि “जिसका कोई नहीं होता, उसका कोई न कोई जरूर बन जाता है।” वहीं गंगाघाट नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी मुकेश मिश्रा और सफाई प्रभारी आदित्य मिश्रा ने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था कराई







