उन्नाव। रविवार से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया। प्रतिपदा तिथि पर सूर्योदय के साथ ही भक्तों ने घर-घर में विधि-विधान से कलश स्थापना की और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना कर अपने व्रत का आरंभ किया।

🌺 मां शैलपुत्री की महिमा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शैलराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। इन्हें शक्ति, संयम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रतिपदा तिथि को इनकी आराधना करने से साधक को जीवन में स्थिरता, धैर्य और असीम शक्ति प्राप्त होती है।
🛕 मंदिरों में उमड़ी भीड़
सुबह से ही शहर और ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मां दुर्गा मंदिर, काली मंदिर, शक्तिधाम, कत्यायनी शक्तिपीठ समेत विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु महिलाएं चुनरी और नारियल चढ़ाने पहुंचीं।
जगह-जगह भजन-कीर्तन, दुर्गा चालीसा, सप्तशती पाठ और हवन का आयोजन किया गया।
मंदिरों और पंडालों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे माहौल आलोकित हो उठा।

🙏 भक्तों का उत्साह और व्रत
महिलाओं और कन्याओं ने व्रत रखकर मां की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने कहा कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के प्रत्येक रूप की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
👮 प्रशासन की तैयारियां
नवरात्रि पर्व पर बड़ी संख्या में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं।
नगर पालिका की ओर से साफ-सफाई और पेयजल की भी विशेष व्यवस्था की गई।
🎉 श्रद्धा और भक्ति का माहौल
नवरात्रि को लेकर पूरा जिला श्रद्धा और भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है। पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन संध्याओं और धार्मिक अनुष्ठानों की भी शुरुआत हो गई है।
🔮 आगे का कार्यक्रम
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। दसवें दिन विजयदशमी पर्व पर भव्य शोभायात्रा के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन होगा और रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।



