शुक्लागंज। गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक ऋषि आश्रम इस बार भव्य रामलीला महोत्सव का गवाह बनने जा रहा है। मंगलवार यानी 22 सितंबर से शुरू होकर यह महोत्सव पूरे 11 दिनों तक चलेगा और 3 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन अपने चरम पर पहुंचेगा।
🌟 75 फीट ऊंचा रावण बनेगा आकर्षण
इस बार दशहरे पर दहन होने वाला रावण का पुतला 75 फीट ऊंचा होगा। विशाल आकार का यह पुतला लंकापति रावण के अहंकार और बुराई के अंत का प्रतीक बनेगा। इसके दहन के दौरान आसमान आतिशबाज़ी की रोशनी से जगमगा उठेगा। आतिशबाज़ी की व्यवस्था के लिए विशेष रूप से पेशेवर टीम को बुलाया गया है।


🌟 धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार
रामलीला मंचन के साथ ही दर्शकों को अध्यात्म से जोड़ने के लिए कई बड़े धार्मिक आयोजन होंगे –
शांडिली महायज्ञ का आयोजन होगा।
श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य अखिलेश मोहन मिश्रा 22 से 29 सितंबर तक प्रवचन देंगे।
कथा के दौरान भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और धर्म की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
🌟 देशभर से आएंगे कलाकार
रामलीला के मंचन को यादगार बनाने के लिए समिति ने इस बार विशेष तैयारी की है।
वृंदावन और ब्रज से राम-सीता-लक्ष्मण की भूमिकाएं निभाने वाले कलाकार बुलाए गए हैं।
लखनऊ, कानपुर और आसपास के शहरों से भी ख्याति प्राप्त कलाकार शामिल होंगे।
मंच सज्जा, संगीत और परिधान सबकुछ परंपरा और आधुनिकता का संगम होंगे।

🌟 सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतज़ाम
पूरा आयोजन स्थल सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों की टीम और पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
दर्शकों के बैठने और खाने-पीने की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
🌟 प्रेस वार्ता में मिली जानकारी
रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश पांडेय ने प्रेस वार्ता में बताया कि हमारा प्रयास है कि इस बार की रामलीला सबसे भव्य और अनुकरणीय बने।
वहीं संरक्षक योगेश मिश्रा ने कहा कि “यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को धर्म, मर्यादा और संस्कार से जोड़ने का माध्यम है।
प्रेस वार्ता में मौजूद पदाधिकारियों भूपेंद्र त्रिपाठी, प्रकाश त्रिपाठी, अनिल, नीरज, रमाशंकर ने भी अपनी भूमिका साझा की और जनता से आयोजन में अधिक से अधिक शामिल होने की अपील की।



