कानपुर। मदर्स डे के अवसर पर सोसाइटी योग ज्योति इंडिया, हिंदू जागरण मंच एवं अलंकृत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “नशा मुक्ति युवा भारत” थीम पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का विषय “टिफिन से लेकर करियर तक… थैंक यू मां, अब बारी हमारी है” रखा गया। अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एवं एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी योग गुरु ज्योति बाबा ने कहा कि मदर्स डे केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मां के त्याग, ममता और संघर्ष को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा, “मां बोझ नहीं, बराबरी चाहती है। मां को मैनेजर नहीं, इंसान समझो। ज्योति बाबा ने कहा कि इस वर्ष मदर्स डे की थीम “द ग्रेट अनबर्डेनिंग” है, जिसका उद्देश्य मां के कंधों से जिम्मेदारियों का बोझ कम करना है। उन्होंने बताया कि आज की मां घर के साथ-साथ ऑफिस और बच्चों की जिम्मेदारियां भी निभा रही है। ऐसे में केवल फूल और गिफ्ट देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि घर के कामों में हाथ बंटाना और उनकी थकान को समझना ही सच्चा सम्मान होगा। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा, “मां के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट यह होगा कि बच्चे आज से ही पान मसाला, तंबाकू और नशे की आदत छोड़ने का संकल्प लें।”कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आज की मां मजबूत जरूर है, लेकिन लगातार जिम्मेदारियों के बोझ से थकी हुई भी है। वहीं समाजसेवी एवं शिक्षाविद साकेत सिंह ने कहा कि यदि बेटे-बेटियां नशा छोड़ दें तो यह हर मां के लिए जीवनभर की सबसे बड़ी खुशी होगी।प्रदेश महिला संयोजिका डॉ. सुलोचना दीक्षित ने कहा कि सनातन संस्कृति में हर दिन मातृ सम्मान का दिन होता है और हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन उपेंद्र मिश्रा ने किया, जबकि संयोजन शोभा मिश्रा एवं धन्यवाद ज्ञापन पीयूष रंजन सनातनी ने किया। अंत में उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प भी दिलाया गया।






