नई दिल्ली। देश की राजधानी स्थित सुप्रसिद्ध भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर आज साहित्य, कला और सैन्य जगत के संगम का साक्षी बना। निफ़ा (NIFAA) की सिल्वर जुबिली सेलिब्रेशन के अवसर पर उन्नाव जिले के गौरव, पूर्व सैन्य अधिकारी कैप्टन राहुल तिवारी, एडवोकेट द्वारा लिखित बहुचर्चित पुस्तक “Sena vs Civilian” का भव्य लोकार्पण किया गया।

इस खास मौके पर समाज, साहित्य और मीडिया जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ मौजूद रहीं। पुस्तक विमोचन समारोह में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका, निफ़ा के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल सिंह पन्नू, सुप्रसिद्ध लेखक एवं मोटिवेशनल स्पीकर श्री शिव खेड़ा और चड़दीकला समाचार चैनल के प्रधान संपादक श्री जगजीत सिंह दर्दी ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।

✨ लेखक की भावनाएँ
कार्यक्रम के दौरान जब कैप्टन राहुल तिवारी से पूछा गया कि इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा उन्हें कहाँ से मिली, तो उन्होंने भावुक शब्दों में कहा—
“मैंने दो ज़िंदगियाँ जी हैं। एक सैनिक के रूप में, जहाँ सूरज के साथ उठना, आदेशों पर चलना और हथियार थामना जीवन का हिस्सा था। दूसरी ज़िंदगी सिविलियन की, जो धीरे-धीरे चलती है, जहाँ मंज़िल हमेशा साफ़ नहीं होती। यही फर्क और यही संघर्ष इस किताब में लिखा है।”
उन्होंने आगे कहा कि—
“यह किताब युद्ध की नहीं, इंसानियत की कहानियों की है। इसमें उन भावनाओं को जगह दी गई है, जब सैनिक अपने परिवार से दूर होता है, जब बैरक में गूँजी हँसी तमगों से भी अधिक कीमती लगती है और जब सेवानिवृत्ति के बाद वर्दी उतारने के बाद आई खामोशी सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।”

✨ पुस्तक की विशेषताएँ
इसमें सैनिक जीवन की अनुशासन, गर्व और संघर्ष की झलक है।
सेवानिवृत्ति के बाद एक आम नागरिक के रूप में जीवन जीने की कठिनाइयों और मानसिक संघर्ष को उजागर किया गया है।
यह किताब पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है— “अगर मैं होता तो क्या करता?”
लेखक ने इसे न किसी हीरो की तरह लिखा है और न किसी पीड़ित की तरह, बल्कि एक पुल की तरह, जो सेना और सिविलियन जीवन को जोड़ता है।

✨ कार्यक्रम की झलक
विमोचन समारोह में आए वक्ताओं ने कैप्टन तिवारी की लेखनी और उनके अनुभवों को देश के युवाओं और समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
साहित्य, कला और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी सैकड़ों हस्तियों की मौजूदगी ने समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया।









