टियांजिन (चीन), 1 सितंबर 2025।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात हुई। इस बैठक में शी जिनपिंग ने कहा कि “ड्रैगन और हाथी साथ चलेंगे तो एशिया और दुनिया में संतुलन और शांति कायम होगी।”
SCO सम्मेलन का महत्व
SCO, एशियाई देशों का एक बड़ा राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक मंच है। इस साल का सम्मेलन खास रहा क्योंकि वैश्विक स्तर पर अमेरिका और पश्चिमी देशों की नीतियों को चुनौती देने के लिए चीन ने इसे एक रणनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल किया।
शी जिनपिंग का संदेश
शी ने अपने संबोधन में विश्व व्यवस्था में “धमकाने वाले रवैये” की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने SCO देशों को मिलकर बहुध्रुवीय विश्व बनाने की अपील की।
चीन ने संगठन की मजबूती के लिए बड़े वित्तीय सहयोग और नई परियोजनाओं की घोषणा की।
भारत-चीन संबंधों का नया मोड़
मोदी और शी की इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद और कूटनीतिक तनातनी के कारण रिश्तों में खटास आ गई थी। लेकिन इस सम्मेलन में दिया गया “ड्रैगन और हाथी” वाला संदेश भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।
वैश्विक असर
अगर भारत और चीन साथ आते हैं, तो यह न केवल एशिया बल्कि पूरे विश्व की भू-राजनीति को प्रभावित करेगा।
SCO में रूस, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशियाई देश भी शामिल हैं, जिससे यह मंच एक बड़े एशियाई गठबंधन का रूप ले सकता है।









