मराठा आरक्षण आंदोलन में नया मोड़: मनोज जरंगे का जल त्याग, सरकार पर बढ़ा दबाव

मुंबई, 1 सितंबर 2025।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। आंदोलनकारी नेता मनोज जरंगे ने अब पानी का त्याग करने का ऐलान कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक मराठा समाज को आरक्षण का ठोस समाधान नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

मराठा समाज लंबे समय से शिक्षा और नौकरी में आरक्षण की मांग कर रहा है। उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व में दिया गया फैसला इस मांग के रास्ते में सबसे बड़ी कानूनी बाधा है। इसी कारण राज्य सरकार के लिए यह मुद्दा बेहद पेचीदा बन चुका है।

मनोज जरंगे का रुख

29 अगस्त से मनोज जरंगे ने अनशन शुरू किया था।

अब उन्होंने जल त्याग की चेतावनी दी है, जिससे आंदोलन और गंभीर हो गया है।

जरंगे का कहना है कि “मराठा समाज ने बहुत इंतजार कर लिया, अब ठोस कदम चाहिए।”


सरकार की दुविधा

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि आरक्षण का कोई भी फैसला कानून की रूपरेखा में रहकर ही लेना होगा। सरकार ने मराठा समाज के लिए विशेष समिति बनाई है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं निकल पाया है।
दूसरी ओर, OBC समाज ने मराठा आरक्षण का विरोध शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि इससे उनके हिस्से का आरक्षण प्रभावित होगा।

राजनीतिक असर

महाराष्ट्र की राजनीति में यह मुद्दा फिर से गर्मा गया है।

विपक्षी दल सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं।

आने वाले विधानसभा चुनावों में यह आंदोलन निर्णायक साबित हो सकता है।

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