सोना-चांदी की रिकॉर्ड तोड़ रैली

1 सितंबर 2025 को भारतीय बाजार में सोना और चांदी दोनों ने नया ऑल-टाइम हाई (All-Time High) बना दिया है।

 सोना (Gold)

आज का भाव – ₹1,04,792 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)

कल का भाव – ₹1,02,388 प्रति 10 ग्राम

आज की बढ़त – ₹2,404 प्रति 10 ग्राम

जनवरी 2025 का भाव – ₹76,162 प्रति 10 ग्राम

अब तक की सालाना बढ़त (2025 में) – ₹28,630 प्रति 10 ग्राम

 यानी साल की शुरुआत से अब तक सोना 37% से ज्यादा महंगा हो चुका है।

⚪ चांदी (Silver)

आज का भाव – ₹1,23,250 प्रति किलो

कल का भाव – ₹1,17,572 प्रति किलो

आज की बढ़त – ₹5,678 प्रति किलो

जनवरी 2025 का भाव – ₹86,017 प्रति किलो

अब तक की सालाना बढ़त (2025 में) – ₹37,233 प्रति किलो

 चांदी में भी 43% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।

 कीमतें क्यों बढ़ीं?

1. अमेरिकी डॉलर कमजोर
– डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है, जिससे गोल्ड और सिल्वर में तेजी मिली।

2. फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीद
– सितंबर में फेड ब्याज दर घटा सकता है, जिससे निवेशक सोने में पैसा डाल रहे हैं।

3. ट्रंप टैरिफ और अनिश्चितता
– अमेरिकी टैरिफ नीतियों से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, सुरक्षित निवेश के रूप में गोल्ड-सिल्वर की डिमांड बढ़ी।

4. भू-राजनैतिक तनाव
– अमेरिका और अन्य देशों के बीच व्यापार व राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का भरोसा सोने-चांदी पर बढ़ रहा है।

 भविष्य का अनुमान

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता ऐसे ही बनी रही तो:

सोना इस साल ₹1,08,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

चांदी ₹1,30,000 प्रति किलो तक जा सकती है।

 तुलना पिछले साल से (2024)

2024 में सोना केवल ₹12,810 महंगा हुआ था।

जबकि 2025 में अब तक ही ₹28,630 की उछाल आ चुकी है।

यही हाल चांदी का भी है — 2025 की तेजी 2024 से कई गुना ज्यादा है।

 इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं, ज्वेलरी कारोबारियों और निवेशकों पर पड़ेगा। शादियों के सीजन में यह कीमतें शादी का बजट बिगाड़ सकती हैं, जबकि निवेशकों के लिए यह सोने-चांदी में बने रहने का सुनहरा मौका है।

शेयर करें
  • Related Posts

    क्या निशांत कुमार संभाल सकेंगे JDU?

    क्या निशांत कुमार संभाल सकेंगे JDU? बिहार की राजनीति में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से एक नाम लगातार केंद्र में रहा है—Nitish Kumar।…

    शेयर करें

    ‘बेगारी’ पर अदालत की सख़्त टिप्पणी: शिक्षा व्यवस्था के लिए आईना

    आज अदालत की एक टिप्पणी ने उस सवाल को फिर से ज़िंदा कर दिया है, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं—क्या कम मानदेय पर वर्षों तक काम करवाना शोषण…

    शेयर करें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *