उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद अंतर्गत सफीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक हृदयविदारक रेल हादसा सामने आया है। यहाँ गोपालपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय एक 26 वर्षीय युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। मृतक अपने परिवार का मुख्य आर्थिक आधार था, जिसकी मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया है।
अचानक सामने आ गई मौत: संभलने का नहीं मिला मौका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनवा गांव निवासी सचिन कनौजिया (26) पुत्र रमेश कनौजिया शनिवार को अपने किसी निजी कार्य के लिए पैदल घर से निकला था। जब वह गोपालपुर के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी अचानक तेज रफ्तार ट्रेन वहां से गुजरी। ट्रेन की गति इतनी अधिक थी कि सचिन को पटरी से हटने या संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला। ट्रेन की जोरदार टक्कर लगने से वह काफी दूर जाकर गिरा और मौके पर ही उसके प्राण पखेरू उड़ गए।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस
हादसे के बाद ट्रैक के पास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने जब युवक का क्षत-विक्षत शव देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना रेलवे स्टेशन प्रशासन और सफीपुर थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर तलाशी ली, जिससे उसकी पहचान सचिन के रूप में हुई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
मेहनत-मजदूरी कर चलाता था परिवार का खर्च
सचिन के बारे में बताया जा रहा है कि वह एक बेहद मेहनती युवक था। वह कपड़ों में प्रेस (स्त्री) करने का काम करता था और इसी छोटी सी आमदनी से अपने माता-पिता और भाई-बहनों का पेट पालता था। सचिन अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर का था और उस पर अपनी छोटी बहन की भी जिम्मेदारी थी। पिता रमेश कनौजिया ने रोते हुए बताया कि सचिन घर की आर्थिक रीढ़ था और उसके जाने से पूरा परिवार अनाथ हो गया है।
परिजनों में कोहराम, गांव में शोक की लहर
जैसे ही सचिन की मौत की खबर उनवा गांव पहुंची, मृतक के घर में चीख-पुकार मच गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो रही है। गांव के सैकड़ों लोग सांत्वना देने के लिए पीड़ित परिवार के घर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिन स्वभाव से मिलनसार था और कभी किसी से विवाद नहीं करता था।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल: रेलवे ट्रैक बना ‘डेथ जोन’
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने Truth India Times से बातचीत में आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गोपालपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक के किनारे न तो कोई फेंसिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड।
अक्सर होते हैं हादसे: ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में आए दिन मवेशी और इंसान ट्रेन की चपेट में आते हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन इसे महज ‘हादसा’ बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
सुरक्षा की मांग: स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों के पास रेलवे ट्रैक की घेराबंदी (Fencing) की जाए और पैदल पार करने वालों के लिए फुट ओवर ब्रिज या सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की जाए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सफीपुर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला रेल दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं युवक ने ईयरफोन तो नहीं लगा रखा था, जिससे उसे ट्रेन की आवाज सुनाई न दी हो। हालांकि परिजनों ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया है। पुलिस ने मामले की डायरी दर्ज कर ली है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।









