शुक्लागंज। उन्नाव और कानपुर को जोड़ने वाले नवीन गंगापुल पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने मौत को गले लगाने के इरादे से रेलिंग की ओर कदम बढ़ाए। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। राहगीरों की तत्परता और जाबाजी ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को उजड़ने से बचा लिया।
अचानक रेलिंग की ओर बढ़ी महिला, सहम गए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार शाम का समय था और पुल पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। तभी एक महिला, जिसकी पहचान बाद में कन्नौज निवासी संजना के रूप में हुई, गुमसुम हालत में पुल पर टहलती दिखी। किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके मन में क्या चल रहा है। अचानक, संजना ने रेलिंग पकड़ी और गंगा की उफनती लहरों में कूदने का प्रयास करने लगी।

वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उनके होश उड़ गए। इससे पहले कि महिला अपना संतुलन खोती या छलांग लगाती, पास मौजूद कुछ युवकों और राहगीरों ने शोर मचाते हुए उसे कसकर पकड़ लिया। महिला संघर्ष करती रही, लेकिन मानवता की जीत हुई और लोगों ने उसे सुरक्षित खींच लिया।
कानपुर कैंट पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। चूंकि नवीन गंगापुल का वह हिस्सा कानपुर कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिए वहां की पुलिस ने तत्काल महिला को अपनी सुरक्षा में ले लिया। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और महिला को ढांढस बंधाया।
राहत की बात यह रही कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। हालांकि, वह मानसिक रूप से काफी डरी हुई और व्यथित नजर आ रही थी।
मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जो संकेत मिले हैं, उनके अनुसार महिला किसी गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह काफी परेशान दिख रही थी और बार-बार रो रही थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला पारिवारिक विवाद या व्यक्तिगत मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
“महिला अभी बात करने की स्थिति में नहीं है। हम उससे बहुत ही संवेदनशील तरीके से पूछताछ कर रहे हैं। उसके परिजनों को सूचित करने के लिए कन्नौज पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है।”
राहगीरों की मानवता को सलाम
आज के दौर में जहां लोग अक्सर दुर्घटनाओं के समय वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, वहीं नवीन गंगापुल पर मौजूद राहगीरों ने एक मिसाल पेश की है। यदि वे कुछ सेकंड की भी देरी करते, तो संजना आज हमारे बीच न होती। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इन ‘अनजान नायकों’ की जमकर सराहना हो रही है।
जांच का विषय: क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे कदम?
यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और संवाद की कमी की ओर इशारा करती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर कन्नौज से इतनी दूर आकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला क्यों किया? क्या इसके पीछे कोई घरेलू हिंसा है या फिर कोई और बड़ी वजह? सच्चाई महिला के पूरी तरह सामान्य होने और परिजनों के बयान के बाद ही सामने आ पाएगी।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स की अपील: जीवन अनमोल है। यदि आप या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव महसूस कर रहा है, तो कृपया उनसे बात करें या हेल्पलाइन नंबरों की मदद लें। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है।







