उन्नाव। पहचान छिपाकर प्रेम जाल’ में फँसाने और फिर धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सैयद अब्दुल मन्नान नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है। कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर न केवल उसे धोखे में रखा, बल्कि तीन वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। अब सच्चाई सामने आने पर आरोपी महिला पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बना रहा है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।
धोखे की बुनियाद पर बना संबंध
पीड़िता के अनुसार, सैयद अब्दुल मन्नान ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर उससे मेलजोल बढ़ाया और खुद को हिंदू बताकर प्रेम जाल में फँसा लिया। पिछले तीन साल से वह महिला के साथ संबंध बना रहा था। इस दौरान महिला को युवक की असलियत का अंदाजा भी नहीं था। लेकिन जब सच्चाई की परतें खुलीं और महिला को पता चला कि जिसे वह हिंदू समझ रही थी, वह वास्तव में दूसरे समुदाय का है, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
धर्म परिवर्तन का दबाव और बेरहमी से मारपीट
सच्चाई सामने आने के बाद जब महिला ने विरोध किया और दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी का असली चेहरा सामने आ गया। पीड़िता का आरोप है कि सैयद अब्दुल मन्नान अब उस पर धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) करने और ‘निकाह’ करने का लगातार दबाव बना रहा है। जब महिला ने अपनी आस्था छोड़ने से इनकार कर दिया, तो उसके साथ जानवरों की तरह मारपीट की गई। वीडियो में पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया है कि वह अब अपनी जान की सुरक्षा को लेकर डरी हुई है।
गहने छीने और मिली जान से मारने की धमकी
महिला ने केवल प्रताड़ना ही नहीं, बल्कि लूट का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने उसके सोने के गहने और नकदी भी जबरन छीन ली। पीड़िता ने बताया कि मामला अब अदालत में विचाराधीन है, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बाद से आरोपी और उसके करीबियों की ओर से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पीड़िता का कहना है कि उसे घर से निकलना मुश्किल हो गया है और वह हर पल किसी अनहोनी की आशंका में जी रही है।
मुख्यमंत्री और प्रशासन से न्याय की अपील
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में बेबस महिला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से हाथ जोड़कर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि उत्तर प्रदेश के सख्त ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ (Love Jihad Law) के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने उसे सुरक्षा नहीं दी और आरोपी को जेल नहीं भेजा, तो आरोपी किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स की मांग: प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता
यह मामला एक बार फिर उन चुनौतियों को उजागर करता है जहाँ पहचान छिपाकर महिलाओं का शोषण किया जाता है। ट्रुथ इंडिया टाइम्स प्रशासन से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग करता है:
आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी: जब मामला धर्मांतरण और जान से मारने की धमकी का है, तो आरोपी को बाहर रहने देना पीड़िता के जीवन को खतरे में डालना है।
धर्मांतरण कानून के तहत जांच: पुलिस को इस बात की गहनता से जांच करनी चाहिए कि क्या यह एक संगठित प्रयास था।
पीड़िता को सुरक्षा: मामला अदालत में होने के कारण पीड़िता को पुलिस प्रोटेक्शन मिलना चाहिए ताकि गवाहों और पीड़िता को डराया न जा सके।
फास्ट ट्रैक सुनवाई: ऐसे संवेदनशील मामलों का निपटारा फास्ट ट्रैक कोर्ट में होना चाहिए ताकि अन्य अपराधियों में कानून का डर पैदा हो।
पुलिस का पक्ष
इस मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला संज्ञान में है और पीड़िता की तहरीर के आधार पर जांच की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, कोर्ट में केस होने के कारण पुलिस सावधानी बरत रही है, लेकिन महिला द्वारा लगाए गए नए धमकी के आरोपों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद जनता में आक्रोश है और लोग “पहचान छिपाकर प्रेम” को जघन्य अपराध मानकर आरोपी को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या उन्नाव पुलिस इस बेबस महिला को समय पर न्याय और सुरक्षा दिला पाती है या नहीं।







