फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पूरे ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर होगा पीएसपी गठन
उन्नाव । जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) अर्चना मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को सीएचसी पुरवा सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सीएचओ व संगीनी को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में ब्लॉक के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पीएसपी (पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म) का गठन कराने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा 10 फरवरी से चलने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीएम) में पीएसपी के सहयोग से लोगों को दवा सेवन कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी अर्चना मिश्रा ने कहा कि अभी ब्लॉक के पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पीएसपी का गठन किया गया है। अब पीएसपी मॉडल के तहत ब्लॉक के अन्य सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ के नेतृत्व में पीएसपी का गठन किया जाना है। इस कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी और उससे बचाव की बात कर लोगों में समझ बनाने के लिए जागरूकता के माध्यम से जन-जन तक साझा किया जा सके। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ के नेतृत्व में एएनएम, ग्राम प्रधान, आशा, फाइलेरिया मरीज, आंगनबाडी, कोटेदार, एसएसजी के सहयोग से पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) का गठन किया गया है, जो फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अब इसका गठन सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर किया जाएगा है। पीएसपी के माध्यम से सभी बीमारियों के प्रति क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने में बहुत ही सहायक होगा। पीएसपी के माध्यम से फाइलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता गतिविधियों, एमएमडीपी प्रशिक्षण, एमडीए अभियान सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहयोग करेगा। इसके अलावा साल में एक बार 10 फरवरी से चलाने वाले एमडीए अभियान में लगातार पांच साल तक दवा के सेवन से इस बीमारी से बचा जा सकता है।

प्रशिक्षण में पीएसपी गठित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के पीएसपी सदस्यों ने अनुभव भी साझा किया। पीएसपी सदस्य सीएचओ मनीषा ने कहा कि जब से आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर पीएसपी का गठन हुआ है फाइलेरिया सहित अन्य स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में अन्य हितधारकों का सहयोग मिल रहा है। पीएसपी सदस्य कोटेदार संत प्रसाद ने कहा कि सभी हितधारकों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रमों और एमडीए अभियान में समुदाय को दवा का सेवन करने के लिए जागरूक करते हैं।
प्रशिक्षण में फाइलेरिया इंस्पेक्टर विशाल, बीसीपीएम इशाक अली, सहयोगी संस्था सीफार, पाथ, पीसीआई के जिला प्रतिनिधि सहित संगिनी मौजूद रहीं।







