-उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर इस्तेमाल की जा रही सामग्री और मानकोंं की कराई जाए जांच
-पुलिस लाइन तिराहे से कनवारा रोड स्थित भाजपा कार्यालय तक नाला निर्माण में हो रहा मानक विहीन निर्माण
बांदा। पीडब्ल्यूडी शहर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट कर रही है, इसका जीता-जागता उदाहरण पुलिस लाइन तिराहे से कनवारा रोड स्थित भाजपा कार्यालय तक बन रहे नाला के निर्माण में देखने को मिल रहा है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते नालानिर्माण में खुलेआम मानकों की अनदेखी और गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जो आगे एक बड़ी समस्या का कारण बन सकता है।
बांदा। पीडब्ल्यूडी शहर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट कर रही है, इसका जीता-जागता उदाहरण पुलिस लाइन तिराहे से कनवारा रोड स्थित भाजपा कार्यालय तक बन रहे नाला के निर्माण में देखने को मिल रहा है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते नालानिर्माण में खुलेआम मानकों की अनदेखी और गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जो आगे एक बड़ी समस्या का कारण बन सकता है।

क्षेत्रवासी रामकुमार, किशन कुमार, जगपाल वर्मा, सोनू शर्मा ने शिकायत करते हुए बताया कि ठेकेदार नियमों को ताक पर रख नाला का निर्माण कर रहे हैं। नाले की दीवारों और फर्श को बनाने में जो सीमेंट प्रयोग हो रहा है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। वहीं जिस अनुपात में सामग्री मिलानी चाहिए, उसका सही से पालन भी नहीं किया जा रहा है। ठेकेदार केवल खानापूर्ति करके सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। नाले की ढलाई में सीमेंट की मात्रा बहुत कम है, इससे वह बेहद कमज़ोर बन रहा है। निर्माण पूरा होने से पहले ही कई जगहों पर दरारें पड़ने लगी हैं। नाले का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं हुआ, तो यह जल्द ही टूट जाएगा या इसकी जल निकासी की क्षमता प्रभावित होगी, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
मिलीभगत का खेल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के गुणवत्ताहीन निर्माणकार्य का होना सीधे तौर पर अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत है। संबंधित अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे रहते हैं। निर्माणस्थल पर इंजीनियर या तकनीकी टीम की नियमित उपस्थिति और जांच अनिवार्य होती है, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है।
बोले क्षेत्रवासी……….
जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण निर्माणकार्य में अनदेखी की जा रही है। ठेकेदार मनमाने तरीके से नाला निर्माण करा रहे हैं, जो कि अधोमानक व गुणवत्ता विहीन है। इसकी जांच कराई जाए।
ठेकेदार केवल खानापूर्ति करके सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। नाले की ढलाई में सीमेंट की मात्रा बहुत कम है, इससे वह बेहद कमज़ोर बन रहा है। कई जगहों पर तो दरारें भी दिखने लगी हैं।
कोट………
निर्माण अधोमानक और गुणवत्ता विहीन होने की जानकारी हुई है। निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी।निर्माण अधोमनक और गुणवत्ता विहीन पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, एई लोक निर्माण विभाग









बांदा में लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, यहां जिम्मेदार से लेकर ठेकेदार तक सभी विकास और निर्माण के नाम पर सरकारी धन का बंदर बांट करते है। और इसका हर्जाना आम जनमानस को भुगतना पड़ता है।