19 नवंबर बुधवार को स्थानीय राजकीय इंटर कॉलेज चुन्नीगंज पुस्तक मेले में एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के कुछ चुनिंदा कवियों ने काव्य पाठ किया।
युवा कवित्री खुशी गुप्ता ने अंधेरे और चोरी जैसे विषयों को आधार बनाकर कुछ मानवीय संवेदनाओं को स्पष्ट किया तो वही कवयित्री रुपिना मिश्रा ने अपने बेहद कोमल अंदाज से उपस्थित श्रोताओं को मोहित किया। रुपीना मिश्रा की कविता में बुजुर्ग होती पीढ़ी की भावनाओं को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया उन्होंने कहा की एहसास बुजुर्ग और सपने कबाड़ नहीं होते।
वही कवित्री पल्लवी गर्ग ने गंगा किनारे के कई सुंदर शब्द चित्र खींचे। केशों को उपमान बनाकर प्रेम की एक बहुत सुंदर कविता सुनाई। पल्लवी गर्ग की कविता “माँ अब बड़ी हो रही है” ने सबको भावुक कर दिया
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अंत में कवि राजेश अरोड़ा ने कुछ रूमानी कविताएं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी। उनकी कविता कवि का दिल थके हारे लोगों का अस्पताल है और मैं तुमको देखता हूं / तुमको देखना लगता है जैसे / मै देख रहा हूं पूरी दुनिया । लोगों ने बहुत पसंद की । मौलि सेठ ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया ।
कवि सम्मेलन में शहर के बुद्धिजीवी , लेखक जनवादी लेखक संघ के सईद नकवी , रजिया नकवी , अनिता मिश्रा , प्रखर श्रीवास्तव , ईरा प्रकाशन की अलका मिश्रा, आदि उपस्थित रहे ।









