गंगा की गोद में बसा शुक्लागंज: जानिए कब बसा यह नगर और क्या है इसका पूरा इतिहास
शुक्लागंज (उन्नाव)। मां गंगा के पावन तट पर बसा शुक्लागंज आज भले ही एक आधुनिक नगर के रूप में जाना जाता हो लेकिन इसकी जड़ें इतिहास के कई सौ साल…
महते विद्या मंदिर गंगानगर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई महान गणितज्ञ रामानुजन की जयंती
शुक्लागंज। गंगानगर स्थित प्रतिष्ठित गंगा प्रसाद महते सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती हर्ष, उल्लास और शैक्षणिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का…
निराश्रित बच्चों का सहारा बनी ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’, संवर रहा भविष्य
– जिले में 376 बच्चों को मिल रही मासिक आर्थिक मदद, 94 नई फाइलें भी मंजूरी की दहलीज पर – 1 मार्च 2020 के बाद अपनों को खोने वाले निराश्रित…
इंटीरियर डेकोरेशन की नई इबारत गढ़ता: ड्रीम्ज़ इंटीरियर
इंटीरियर डेकोरेशन अब केवल अमीरों की पसंद या बड़े शहरों तक सीमित अवधारणा नहीं रह गई है। बदलते समय के साथ यह आम लोगों की ज़रूरत बनता जा रहा है—ऐसी…
सोलर ऊर्जा: भारत के ग्रामीण और शहरी भविष्य की आधारशिला
सोलर ऊर्जा: भारत आज ऐसे दौर में खड़ा है जहाँ ऊर्जा की मांग तेज़ी से बढ़ रही है और पर्यावरणीय संकट भी उतनी ही गति से गहराता जा रहा है।…
श्रीनिवास रामानुजन जयंती: प्रतिभा, संघर्ष और भारतीय बौद्धिक विरासत का उत्सव
श्रीनिवास रामानुजन: रामानुजन केवल एक गणितज्ञ नहीं थे, वे उस संभावना का नाम थे जो सीमित संसाधनों, कठिन परिस्थितियों और उपेक्षा के बीच भी असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँच सकती है।…
अरावली : पर्यावरण, विकास और जिम्मेदारी
अरावली पर्वतमाला केवल पत्थरों का ढेर नहीं है, बल्कि उत्तर भारत की जीवनरेखा है। हाल ही में अरावली क्षेत्र को लेकर आया सरकारी/न्यायिक आदेश एक बार फिर इस बहस को…
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की वर्चुअल बैठक सम्पन्न
पत्रकारों की समस्याओं और संगठन विस्तार पर हुआ मंथन जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (जेसीआई) की एक वर्चुअल बैठक राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। बैठक में…
DM साहब हमें शराबियों से बचा लीजिए, उन्नाव की मासूम बच्चियों की सिसकियाँ और सड़कों पर ‘नशे का तांडव’; क्या सुनेगा प्रशासन
उन्नाव। (न्यूज़ डेस्क) उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र और समाज की नैतिकता पर सवालिया निशान खड़ा करती है। जहाँ एक ओर…
कानपुर का साहित्य मंच हुआ गुलज़ार अपने सातवें वर्ष में
कानपुर का साहित्य मंच: कानपुर की साहित्यिक परंपरा को जीवंत करता हुआ, कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल अपने सातवे वर्केष में प्रवेश कर गया जिसकी शुरुआत पहले दिन तबला वादक उस्ताद जाकिर…














































