गंगा किनारे मिला अधेड़ का शव, पहचान होते ही परिवार में मचा कोहराम
शुक्लागंज (उन्नाव)। रविवार सुबह शुक्लागंज के रविदास नगर गंगा तट पर उस समय हड़कंप मच गया जब लोगों ने किनारे पर एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़ा देखा। देखते ही…
जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौतें बढ़ीं, देशभर में हड़कंप
देशभर में जहरीली कफ सिरप के कारण बच्चों की मौतों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत और राजस्थान में…
भगत सिंह: श्रद्धा से विचार तक — संघ और भाजपा की दृष्टि से बलिदान का अर्थ
भगत सिंह: जब गोरे अंग्रेज़ चले जाएंगे, तो क्या काले अंग्रेज़ राज नहीं करेंगे?”— भगत सिंह का यह सवाल आज भी समय के पार गूंजता है। यह सवाल केवल औपनिवेशिक…
त्योहारों पर मिलावटी मिठाइयों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग
उन्नाव। दीपावली व करवा चौथ जैसे प्रमुख त्योहारों के नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी के चलते कुछ दुकानदार उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत पर…
श्री श्याम बाबा की अमृतमयी कथा का शुभारंभ, भक्तिभाव से गूंजा वातावरण
शुक्लागंज। कंचन नगर स्थित प्राइमरी स्कूल के पास, नाथू खेड़ा ग्राम की छेदीलाल धर्मशाला में श्री श्याम बाबा की अमृतमयी पुण्यदायिनी कथा का शुभारंभ आज से शुरू हुआ। खाटू नरेश…
मौन नफ़रत: बुली कल्चर और समाज का दर्पण
आज के समाज में एक भयावह प्रवृत्ति ने अपनी जड़ें गहरी कर ली हैं — बुली कल्चर। यह केवल स्कूल या कॉलेज तक सीमित नहीं रहा; यह हमारे कार्यस्थलों, सोशल…
साम्प्रदायिक हिंसा: जब नफ़रत के नाम पर जलता है इंसानियत का घर
नई दिल्ली। भारत जैसे बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश में जब साम्प्रदायिक हिंसा भड़कती है, तो केवल घर या दुकानें नहीं जलतीं — समाज की आत्मा झुलस जाती है। धर्म के…
शक्ति उपासना के दिनों में विजय दशमी पर संघ शताब्दी वर्ष का भव्य पथ संचलन
शुक्लागंज: गंगाघाट क्षेत्र के सरोज सरस्वती विधा मंदिर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विजय दशमी पर्व के अवसर पर भव्य पथ संचलन निकाला गया।…
हमीरपुर जेल में बंदी अनिल द्विवेदी की संदिग्ध मौत।
हमीरपुर: जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के सूरजपुर इलाके में रहने वाले बंदी अनिल द्विवेदी की 14 सितंबर 2025 को जिला कारागार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस…
अफगानिस्तान बनाम बांग्लादेश: एक फैन की नज़र से
कल रात टीवी पर बैठे-बैठे मैं सोच रहा था — क्रिकेट आखिर हमें इतना खींचता क्यों है? शायद इसलिए कि इसमें ज़िंदगी की तरह हर पल कहानी बदलती है। अफगानिस्तान…










































































