भारत के श्रम बाज़ार में स्किल संकट ?

स्किल संकट: निजी और सरकारी—दोनों क्षेत्रों में कर्मचारियों पर बढ़ते कार्य-दबाव ने हाल के वर्षों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को मजबूरी जैसा बना दिया है। संगठनों में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा,…

2026 पश्चिम बंगाल चुनाव: सत्ता, समाज और बदलाव

2026 पश्चिम बंगाल चुनाव: 2026 का पश्चिम बंगाल चुनाव किसी साधारण राजनीतिक मुकाबले की तरह नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा में लंबे समय से चल रहे संघर्षों की नई परतें…

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय: राष्ट्रवाद और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय: दिसंबर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक और नाम अक्सर उभरता है—बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय।भले ही उनका जन्म जून में और निधन अप्रैल में है, पर बंगाल और देशभर…

जोश मलिहाबादी- उर्दू शायरी के ‘शायर-ए-इंकलाब’

नई दिल्ली, दिसंबर — दिसंबर उर्दू अदब का वह महीना है जब साहित्यिक मंचों पर बार-बार एक ही नाम सुनाई देता है — 22 दिसंबर उनकी पुण्यतिथि के रूप में…

Sanchar Saathi: विपक्ष के सवाल?

Sanchar Saathi: भारत जैसे विशाल डिजिटल इकोसिस्टम में मोबाइल फोन अब पहचान, बैंकिंग, सुरक्षा और रोज़मर्रा के लॉजिस्टिक्स का केंद्र बन चुका है। ऐसे दौर में फोन-चोरी, IMEI क्लोनिंग, फर्जी…

सिद्धारमैया vs. डीके शिवकुमार का विवाद: भविष्य की राजनीति का टकराव

सिद्धारमैया vs. डीके शिवकुमार: कर्नाटक की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ सत्ता की कुर्सी सिर्फ प्रशासनिक ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत वर्चस्व, समूहगत ताक़त और अंदरूनी…

भारत की Gen-Z—दबावों के बीच पलती, लेकिन उम्मीदों से भरी

भारत की Gen-Z: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वार्तालाप में ज़ेन जी की बात करी, साथ ही राहुल गाँधी ने भी ज़ेन जी की बात करी नेपाल क्रांति के बाद…

भारत का REPM मिशन: टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता को जोड़ता एक निर्णायक कदम

REPM मिशन: भारत की तकनीकी आज़ादी का नया अध्याय REPM मिशन: दुनिया की पुरानी औद्योगिक क्रांतियाँ लोहे, कोयले और बिजली पर टिकी थीं।21वीं सदी की नई औद्योगिक क्रांति एक अदृश्य…

डिजिटल अरेस्ट: नया साइबर-जाल और बढ़ता खतरा

आज के दौर में इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक विशाल मैदान है जहाँ हर सेकंड खिलाड़ी भी हैं और शिकारी भी। डिजिटल ठगी की सबसे खतरनाक और तेजी से…

भारत में टू-पार्टी सिस्टम : एक विश्लेषण

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है—विविधता, भाषाओं, धार्मिक-सामाजिक पहचान और क्षेत्रीय हितों का विशाल देश। ऐसे देश में क्या अमेरिका जैसा टू-पार्टी सिस्टम कभी संभव हो सकता है? यह…