बंगाल में ममता का ‘मुस्लिम नैरेटिव’ कितनी दूर तक जाएगा?”

बंगाल में ममता का ‘मुस्लिम नैरेटिव’ कितनी दूर तक जाएगा?” पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर शब्दों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। Mamata Banerjee के हालिया बयान—जिसमें…

“विश्व शांति संकल्प मंच” का हस्ताक्षर अभियान अमन के लिए

जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध की भाषा फिर से सामान्य होती जा रही है, उसी समय कानपुर की सड़कों पर एक अलग तरह की हलचल दिखाई दे रही…

क्या निशांत कुमार संभाल सकेंगे JDU?

क्या निशांत कुमार संभाल सकेंगे JDU? बिहार की राजनीति में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से एक नाम लगातार केंद्र में रहा है—Nitish Kumar।…

हिंदू नववर्ष: इस बार विक्रम संवत 2083 में क्या होगा खास?

हिंदू नववर्ष: इस बार विक्रम संवत 2083 में क्या होगा खास? दुनिया के अधिकांश देशों में नया साल केवल कैलेंडर बदलने का प्रतीक माना जाता है, लेकिन भारतीय परंपरा में…

कानपुर 2027 विधानसभा चुनाव: बीजेपी के लिए क्या हो सकती है रणनीति?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानपुर का अपना अलग महत्व है। कभी देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिने जाने वाले कानपुर की पहचान आज भी व्यापार, उद्योग, श्रमिक राजनीति…

आर्य नगर विधानसभा सीट: 2022 से 2027 तक

आर्य नगर विधानसभा सीट: 2022 से 2027 तक – कानपुर की आर्य नगर विधानसभा सीट को शहर की राजनीतिक चेतना का केंद्र माना जाता है। यह क्षेत्र न सिर्फ प्रशासनिक,…

बंगाल की टॉप सीटें: जहाँ चुनाव नहीं, इतिहास और सत्ता की दिशा तय होती है

बंगाल की टॉप सीटें: जहाँ चुनाव नहीं, इतिहास और सत्ता की दिशा तय होती है- पश्चिम बंगाल में हर विधानसभा चुनाव कई स्तरों पर लड़ा जाता है, लेकिन कुछ सीटें…

महाराजपुर विधानसभा सीट: उपेक्षा के बीच फँसी एक निर्णायक सीट

महाराजपुर विधानसभा सीट: उपेक्षा के बीच फँसी एक निर्णायक सीट- महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक रूप से कानपुर नगर की परिधि पर स्थित होते हुए भी, विकास के मामले में आज…

चित्रकूट विधानसभा सीट: आस्था, उपेक्षा और 2027

चित्रकूट विधानसभा सीट: आस्था, उपेक्षा और 2027 के चुनाव की निर्णायक परीक्षा– उत्तर प्रदेश का चित्रकूट जिला देशभर में अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। रामायण…

समकालीन भारत के विमर्शों का एक आलोचनात्मक पुनर्पाठ

समकालीन भारत के विमर्शों का एक आलोचनात्मक पुनर्पाठ: भारत में बीते चार दशकों के दौरान जिस सामाजिक विमर्श ने सबसे अधिक वैचारिक, राजनीतिक और अकादमिक स्थान घेरा है, वह है…