प्रेस पर हमले और आज़ादी की कीमत: उत्तराखंड से वैश्विक संदर्भ तक
वैश्विक तस्वीर: लोकतंत्र का आईना और उसकी दरारें रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की 2024 की वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में भी…
भारतीय ज्ञान परंपरा : ह्रास, वर्तमान संकट और भविष्य की राह
भारत को प्राचीन काल से ही “ज्ञानभूमि” कहा गया है। यहाँ वेद, उपनिषद, महाभारत, रामायण जैसे महाकाव्यों से लेकर आयुर्वेद, ज्योतिष, योग, गणित, वास्तु और दर्शन तक अनेक शाखाएँ विकसित…
क्या धन बल से आज समाज में मुद्दे तय हो रहे है?
क्या धन बल से आज समाज में मुद्दे तय हो रहे है? सांस्कृतिक पतन कोई एक दिन में नहीं होता इसमें बहुत लंबा समय लगता है और समाज व संस्कृति…
देश में गंगा जमुनी तहज़ीब पर होते हमले क्या सिखाते है |
समरसता: एक टूटते पुल को जोड़ने का आख़िरी मौका एक छोटे-से बयान से शुरू हुआ दिन अक्सर बड़े हादसे की दास्तान बन जाता है। इंटरनेट पर एक तस्वीर, किसी के…
लद्दाख: बर्फ की घाटियों में गूंजती मांग, “हम भी राज्य हैं”
लद्दाख: बर्फ की घाटियों में गूंजती मांग, “हम भी राज्य हैं”: लेह की सर्द गलियों में, जहां सुबह की धूप बर्फ की चोटियों पर सुनहरी परत बिछाती है, वहां इन…
iPhone का जादू: एक फ़ोन से आगे, एक मनोविज्ञान
दुनिया आज भी “mass” और “class” में बंटी हुई है। यह फर्क सिर्फ़ आय या सुविधा का नहीं, बल्कि उपभोक्ता की आकांक्षाओं और पहचान का भी है। यही वह जगह…
बिहार चुनाव 2025: जात-पात के पार या विकास का नया अध्याय?
बिहार की राजनीति हमेशा से सामाजिक समीकरणों और सत्ता की जोड़तोड़ पर आधारित रही है। लेकिन 2025 का विधानसभा चुनाव एक नए दौर का संकेत देता है—क्या इस बार वोटर…
GST 2.0: कर व्यवस्था की नई परिभाषा
भारत की कर-नीति पिछले एक दशक में जिस सबसे बड़े प्रयोग से गुज़री है, उसका नाम है – वस्तु एवं सेवा कर (GST)। 2017 में इसके लागू होने के समय…















