विजय दिवस: युद्धों की स्मृति, शांति का मूल्य

विजय दिवस: भारत का इतिहास केवल सभ्यताओं का नहीं, बल्कि उन संघर्षों का भी साक्षी है जिनमें देश ने अपने अस्तित्व, सम्मान और मूल्यों की रक्षा की। विजय दिवस हमें…

✈️ IndiGo की उड़ानों में भीषण संकट — DGCA का सख़्त एक्शन!

✈️ IndiGo की उड़ानों में भीषण संकट — DGCA का सख़्त एक्शन! देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इस समय अपने सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। पिछले…

2026 पश्चिम बंगाल चुनाव: सत्ता, समाज और बदलाव

2026 पश्चिम बंगाल चुनाव: 2026 का पश्चिम बंगाल चुनाव किसी साधारण राजनीतिक मुकाबले की तरह नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा में लंबे समय से चल रहे संघर्षों की नई परतें…

Sanchar Saathi: विपक्ष के सवाल?

Sanchar Saathi: भारत जैसे विशाल डिजिटल इकोसिस्टम में मोबाइल फोन अब पहचान, बैंकिंग, सुरक्षा और रोज़मर्रा के लॉजिस्टिक्स का केंद्र बन चुका है। ऐसे दौर में फोन-चोरी, IMEI क्लोनिंग, फर्जी…

भारत का REPM मिशन: टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता को जोड़ता एक निर्णायक कदम

REPM मिशन: भारत की तकनीकी आज़ादी का नया अध्याय REPM मिशन: दुनिया की पुरानी औद्योगिक क्रांतियाँ लोहे, कोयले और बिजली पर टिकी थीं।21वीं सदी की नई औद्योगिक क्रांति एक अदृश्य…

आतंकवाद की जड़ पर प्रहार — एक ठोस वैश्विक और भारतीय ब्लूप्रिंट

लखनऊ, 12 नवम्बर 2025 — आतंकवाद अब किसी एक देश या विचारधारा की समस्या नहीं रह गया है। यह असमानता, धार्मिक कट्टरता, राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक शक्ति-संतुलन के टूटने का…

स्वच्छ हवा का हक: जीवन के अधिकार की नई परिभाषा

हम जिस हवा में साँस लेते हैं, वही अब सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की लगभग 99% आबादी…

Lenskart IPO: निवेशकों की नजरों में चमक या जोखिम? एक मानवीय नजरिए से विश्लेषण

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2025 — भारत के IPO बाज़ार में इस समय एक नई हलचल है। ऑनलाइन आईवियर ब्रांड Lenskart ने जैसे ही अपना प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) पेश…

सरदार पटेल: अगर आज होते — तो भारत कैसा होता और सीमाएँ कितनी मज़बूत होतीं

31 अक्टूबर, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, हर साल एक सवाल दोहराती है —अगर “लौह पुरुष” आज के भारत में जीवित होते, तो क्या यह राष्ट्र और भी अधिक संगठित,…

मोंथा तूफ़ान कितनी तबाही लायेगा ?

चेतावनी जो केवल मौसम नहीं, व्यवस्था से भी जुड़ी है बंगाल की खाड़ी पर उठता मोंथा तूफ़ान इस बार केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं — यह हमारे समय का पर्यावरणीय…