भव्य शादियाँ: आम आदमी की हकीकत का सच

(एक गहराई वाला, मानवीय और हल्के व्यंग्य के साथ लिखा गया मूल, तथ्य आधारित विश्लेषणात्मक लेख) भारत हो या दुनिया—शादियाँ हमेशा से चमक-दमक, रस्मों और भावनाओं का संगम रही हैं।…

मवई बाईपास से कृषि विवि केन पुल: 10 किलो मीटर तक 24 घंटे धधकते जगह-जगह लगे कूड़े का ढेर

-कूड़े के ढेर पर मंडराते अन्ना जानवर, वाहनों से टकराने पर होते दुर्घटना का शिकार-कचरे से उठती दुर्गंध और धुएं से सांस रोक कर हाईवे गुजरते राहगीर संवाददाता। प्रलभ चौधरीबांदा।…

उत्तर प्रदेश में “वन्दे मातरम्” अनिवार्यता: पक्ष-विपक्ष एवं शिक्षा-महत्व

पक्ष में क्या कहा जा रहा है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में यह घोषणा की है कि राज्य के सभी स्कूलों एवं शिक्षण संस्थानों में…

जिम्मेदारों की अनदेखी, ठेकेदार निर्माण में कर रहे मनमानी

-उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर इस्तेमाल की जा रही सामग्री और मानकोंं की कराई जाए जांच -पुलिस लाइन तिराहे से कनवारा रोड स्थित भाजपा कार्यालय तक नाला निर्माण में…

लखनऊ बना यूनेस्को की “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी”: नवाबी ज़ायकों को मिली वैश्विक पहचान

लखनऊ | 28 अक्टूबर 2025नवाबों का शहर लखनऊ अब सिर्फ तहज़ीब और अदब के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वाद और पाक-कला के लिए भी दुनिया के नक्शे पर छा गया…

अगर गणेश शंकर विद्यार्थी आज होते — तो किससे सवाल करते? जयंती पर समकालीन भारत के सन्दर्भ में

भारत की पत्रकारिता के इतिहास में गणेश शंकर विद्यार्थी वह नाम हैं जिन्होंने यह साबित किया कि कलम की स्याही खून से भी ज्यादा असरदार होती है। उन्होंने “प्रताप” के…

सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” – जयंती विशेष

सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” (1896–1961) हिंदी साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक कवियों में से एक हैं। उनका जीवन, काव्य, और सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण एक गहन संवेदनशीलता और मानवीय संघर्ष से भरा हुआ…

चित्रकूट कोषागार घोटाला: भ्रष्टाचार की परतें और लोकपाल की विफलता

चित्रकूट कोषागार घोटाला: चित्रकूट के कोषागार में हाल ही में सामने आया 50 करोड़ रुपये का घोटाला एक और उदाहरण है कि कैसे सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमाए…

पाक–अफगान तनाव: बारूद की सीमा पर एशिया का शांति-संदेश

अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच अचानक भड़की सीमा झड़पों ने एक बार फिर पूरे एशिया को अस्थिरता के डर में डाल दिया है। दोनों देशों के बीच…

राम मनोहर लोहिया: सामाजिक चेतना का शिल्पकार

12 अक्टूबर 1967 को नई दिल्ली में 57 वर्ष की आयु में लोहिया का देहांत हुआ था। इसे आज उनकी पुण्यतिथि के रूप में याद किया जाता है — वह…