आतंकवाद की जड़ पर प्रहार — एक ठोस वैश्विक और भारतीय ब्लूप्रिंट

लखनऊ, 12 नवम्बर 2025 — आतंकवाद अब किसी एक देश या विचारधारा की समस्या नहीं रह गया है। यह असमानता, धार्मिक कट्टरता, राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक शक्ति-संतुलन के टूटने का…

उत्तर प्रदेश में “वन्दे मातरम्” अनिवार्यता: पक्ष-विपक्ष एवं शिक्षा-महत्व

पक्ष में क्या कहा जा रहा है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में यह घोषणा की है कि राज्य के सभी स्कूलों एवं शिक्षण संस्थानों में…

स्वच्छ हवा का हक: जीवन के अधिकार की नई परिभाषा

हम जिस हवा में साँस लेते हैं, वही अब सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की लगभग 99% आबादी…

Lenskart IPO: निवेशकों की नजरों में चमक या जोखिम? एक मानवीय नजरिए से विश्लेषण

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2025 — भारत के IPO बाज़ार में इस समय एक नई हलचल है। ऑनलाइन आईवियर ब्रांड Lenskart ने जैसे ही अपना प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) पेश…

लखनऊ बना यूनेस्को की “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी”: नवाबी ज़ायकों को मिली वैश्विक पहचान

लखनऊ | 28 अक्टूबर 2025नवाबों का शहर लखनऊ अब सिर्फ तहज़ीब और अदब के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वाद और पाक-कला के लिए भी दुनिया के नक्शे पर छा गया…

पावरग्रिड ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के तहत वॉकथॉन का किया आयोजन

भारत सरकार के एक महारत्न उपक्रम, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) ने 1 नवंबर, 2025 को सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के तत्वावधान में एक जागरूकता वॉकथॉन (पदयात्रा) का…

सरदार पटेल: अगर आज होते — तो भारत कैसा होता और सीमाएँ कितनी मज़बूत होतीं

31 अक्टूबर, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, हर साल एक सवाल दोहराती है —अगर “लौह पुरुष” आज के भारत में जीवित होते, तो क्या यह राष्ट्र और भी अधिक संगठित,…

मोंथा तूफ़ान कितनी तबाही लायेगा ?

चेतावनी जो केवल मौसम नहीं, व्यवस्था से भी जुड़ी है बंगाल की खाड़ी पर उठता मोंथा तूफ़ान इस बार केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं — यह हमारे समय का पर्यावरणीय…

SIR का इतिहास: मतदाता-सूची की सफाई

भारत के लोकतंत्र की असली ताकत उसकी मतदाता-सूची में छिपी है। यही वह दस्तावेज़ है जो यह तय करता है कि किसे मतदान का अधिकार है — और किसे नहीं।…

जतिंद्रनाथ दास: जयंती विशेष

जतिंद्रनाथ दास: भारत की आज़ादी की लड़ाई केवल बंदूकों और बमों की कहानी नहीं थी — यह उन विचारों और आत्मबलिदानों की यात्रा थी जिन्होंने एक राष्ट्र की आत्मा को…